आंखों के लाल होने पर न करें नजरंदाज


आंखों के लाल होने पर न करें नजरंदाज




अगर आपकी जरा जरा सी देर में आंखें लाल हो जाती हैं तो इसे बिल्कुल नजरंदाज न करें। क्योंकि आपकी थोड़ी सी लापरवाही आपको जिंदगीभर भुगतनी पड़ सकती है।


आंखों का बार-बार लाल होना इस बात का सिग्नल है कि आपकी हड्डियां कमजोर हैं या आपको  आर्थराइटिस की समस्या है। भारत में आर्थराइटिस के मरीजों की संख्या करीब eighteen करोड़ है, जिसमें से लगभग fifteen करोड़ को घुटना दर्द की समस्या है। आखिर दिन व दिन क्यों बढ़ रही है ये समस्या।




हड्डियों के विशेषज्ञों की मानें तो ये समस्या आज आम हो गई है। खासकर ऑफिस गोइंग पीपल को ये ज्यादा इफेक्ट कर रही है। इसके पीछे का करण वो बताते हैं। कैल्शियम की कमी और आज का बेढंगा खानपान। इसके कारण हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। अक्सर जोड़ों के दर्द, सूजन या अकड़न की समस्या से परेशान रहते हैं।




सेंटर फॉर नी एंड हिप केयर के वरिष्ठ आर्थोपेडिक व सर्जन डॉ. अखिलेश यादव बताते हैं कि आर्थराइटिस शरीर के fifteen मुख्य अंगों को नुकसान पहुंचाती है। इसमें हड्डियों में ऑस्टियोपोरेसिस, मसल्स में कमजोरी, सेल्स डैमेज, आंखों में रूखापन, आंखों में लालपन, आंखों में दर्द और धुंधलापन, खून में कमी, निमोनिया, हार्ट अटैक और स्ट्रोक आदि जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

आर्थराइटिस की समस्या बुजुर्गों के साथ युवाओं में भी आम हो गई है। युवाओं में आर्थराइटिस की समस्या स्टेरायड, सप्लीमेंट, कैल्शियम की कमी और गलत खान-पान के कारण हो रही है। इसके अलावा बैठने की गलत आदतें व एक्सरसाइज करने का गलत तरीका भी इसका एक बड़ा कारण है।

मूल रूप से ओस्टियोआर्थराइटिस आर्थराइटिस का ही एक रूप है जो कि उम्र के बढ़ने पर अधिक पाई जाती है लेकिन रूमेटॉयड आर्थराइटिस किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती हैं। इसमें आपका इम्यून सिस्टम अत्यधिक सक्रिय हो जाता है। जोड़ों का सबसे बड़ा कारण है उठने-बैठने का गलत तरीका। ज्यादातर लोग आलथी-पालथी मार के बैठते हैं, जिससे जोड़ों पर जोर पड़ता है।

आर्थराइटिस से बचने के लिए पैरों को मोड़कर बैठने से बचें और धूम्रपान न करें। पोष्टिक आहार की मदद से इस बीमारी से बचा जा सकता है। आर्थराइटिस की समस्या होने पर शुरुआती चरण में दवाइयों के साथ फिजियोथेरेपी की भी जरूरत पड़ती है।

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