हरियाणा में अगर पेच फंसा तो क्या होगा

हरियाणा विधानसभा चुनाव के वोटों की गिनती जारी है लेकिन शुरुआती रुझान से लग रहा है कि यहां किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुत नहीं मिलने जा रहा.

दुष्यंत चौटाला की पार्टी जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) किंगमेकर की भूमिका अदा कर सकती है. रुझानों को लेकर दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि हरियाणा की सत्ता की चाबी उनके पास होगी.

[caption id="attachment_151" align="aligncenter" width="708"]हरियाणा में अगर पेच फंसा तो क्या होगा Third Party Source[/caption]

90 सदस्यों वाली हरियाणा विधानसभा में बीजेपी बहुमत के क़रीब है लेकिन बहुमत से दूर रहने पर दुष्यंत चौटाला की भूमिका अहम हो सकती है.

चुनाव आयोग के ताजा रुझानों में बीजेपी और कांग्रेस में क़रीब 6 सीटों का फ़र्क़ है. बीजेपी 37 पर आगे है तो कांग्रेस 31 पर. वहीं दुष्यंत चौटाला की पार्टी 11 सीटों पर आगे चल रही है.

दुष्यंत चौटाला की पार्टी के बारे में कहा जा रहा है कि वो 7 से 10 सीटें जीत सकती है.

2014 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 90 में से 47 सीटों पर जीत मिली थी. कांग्रेस को 15 और आईएनएलडी 19 सीटों के साथ तीसरे नंबर पर रही थी.

देवी लाल के वंशज दुष्यंत चौटाला
अभी तक दुष्यंत ने पत्ता नहीं खोला है कि वो हरियाणा में खंडित जनादेश की स्थिति में किसके साथ जाएंगे.

दुष्यंत ने कहा, "फ़ैसला दुष्यंत चौटाला को नहीं करना है. हम विधायक दल के नेता का चुनाव करेंगे और उसके बाद ही कोई फ़ैसला लेंगे."

दुष्यंत चौटाला ने कैलिफ़ोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन की पढ़ाई की है. ओमप्रकाश चौटाला की पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल (आईएनएलडी) में पारिवारिक कलह के बाद दुष्यंत को पार्टी से बाहर कर दिया गया था.

दुष्यंत के बाबा ओम प्रकाश चौटाला हरियाणा के चार बार मुख्यमंत्री रहे हैं.

म प्रकाश चौटाला के दो बेटों अजय और अभय के बीच झगड़े के कारण पार्टी में टूट आ गई थी. इस मामले में उन्होंने अपने छोटे बेटे अभय का साथ देने का फ़ैसला किया था.

चौटाला परिवार में अंतर्कलह
इस परिवार की जड़ें राजस्थान से जुड़ी हैं, लेकिन हरियाणा में सिरसा का चौटाला गांव इस परिवार के कारण जाना जाता है.

आईएनएलडी हरियाणा विधानसभा में मुख्य़ विपक्षी पार्टी है. इसकी स्थापना ओम प्रकाश चौटाला के पिता देवी लाल ने की थी.

देवी लाल 1971 तक कांग्रेस में रहे थे. दो बार हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे. 1977 में देवी लाल जनता पार्टी में आ गए और 1987 में लोकदल के साथ. 1989 में देवी लाल भारत के उपप्रधानमंत्री बने.

देवी लाल की पकड़ ग्रामीण मतदाताओं में अच्छी मानी जाती है. आगे चलकर देवी लाल के बड़े बेटे ओपी चौटाला भी हरियाणा के चार बार मुख्यमंत्री बने. ओपी चौटाला आइएनएलडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं.

ओपी चौटाला और उनके बड़े बेटे अजय सिंह जूनियन बेसिक ट्रेनिंग टीचर्स भर्ती में घोटाले के आरोप में 10 साल की जेल की सज़ा काट रहे हैं. ओपी चौटाला जेल से ही पार्टी के सारे अहम फ़ैसले लेते हैं.

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